ICC विमेंस वर्ल्ड कप 2025 का रोमांच अपने पीक पर है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली इंडियन टीम आज, 30 अक्टूबर को सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। यह मैच मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां फैंस को उम्मीद है कि इंडियन टीम एक बार फिर इतिहास दोहराएगी। इंडिया अब उस टाइटल से बस दो कदम दूर है जिसका लाखों क्रिकेट फैंस इंतजार कर रहे हैं।
इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम चार बार ICC वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। उन्होंने दो बार जीत हासिल की है और दो बार हारी है। हर बार इंडिया ने दिखाया है कि वे बड़े मौके पर किसी भी बड़ी टीम को चैलेंज कर सकते हैं।
1996 में, इंडियन विमेंस टीम ने अपना पहला वर्ल्ड कप सेमीफाइनल खेला था। इंडिया का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से था। खराब रोशनी की वजह से मैच 32-32 ओवर का कर दिया गया। पहले बैटिंग करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 123 रन का बड़ा स्कोर बनाया। जवाब में भारत 9 विकेट पर 104 रन ही बना सका और 19 रन से मैच हार गया।
2000 में भारत फिर से सेमी-फ़ाइनल में पहुंचा, लेकिन इस बार न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ उसका प्रदर्शन खराब रहा। भारतीय टीम सिर्फ़ 117 रन पर ऑल आउट हो गई। न्यूज़ीलैंड ने यह टारगेट आसानी से हासिल कर लिया और 9 विकेट से जीत हासिल की।
2005 का सेमी-फ़ाइनल भारत के लिए यादगार साबित हुआ। भारत और न्यूज़ीलैंड एक बार फिर भिड़े। इस बार भारतीय टीम ने 40 रन से शानदार जीत हासिल की। पहले बैटिंग करते हुए इंडिया ने 204 रन बनाए और फिर कीवी टीम को 164 रन पर ऑल आउट कर दिया। इस जीत ने इंडिया को पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में जगह दिलाई।
2017 का सेमीफाइनल शायद इंडियन विमेंस क्रिकेट हिस्ट्री का सबसे अहम पल था। हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिर्फ 115 बॉल पर 171 रन की धमाकेदार इनिंग खेली थी। इंडिया ने यह मैच 36 रन से जीता, फाइनल में पहुंचा और विमेंस क्रिकेट में एक नई पहचान बनाई।
आठ साल बाद, इंडिया और ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में फिर से आमने-सामने हैं। हरमनप्रीत एक बार फिर कैप्टन हैं, और पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि 2017 का इतिहास 2025 में दोहराया जाएगा।
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