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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने जिम्बाब्वे के खिलाफ रायपुर में खेले गए तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में महज 41 गेंदों में 91 रनों की नाबाद आतिशी पारी खेली। हालांकि, मैच के बाद उनकी तूफानी बल्लेबाजी से ज्यादा चर्चा उनके भावुक साक्षात्कार (Emotional Interview) की हो रही है। अपनी इस यादगार पारी के दम पर भारत को 92 रनों की जीत दिलाने के बाद जब हरमनप्रीत ब्रॉडकास्टर से बात करने पहुंचीं, तो वे अपने आंसू नहीं रोक सकीं और लाइव कैमरे के सामने रो पड़ीं。
कप्तानी छोड़ने और लंबे समय से बल्ले से फॉर्म तलाशने के बाद हरमनप्रीत की यह वापसी बेहद भावुक कर देने वाली रही। भारत ने यह मुकाबला 92 रनों से जीतकर सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया, लेकिन मैच का सबसे मार्मिक पल हरमनप्रीत के छलके आंसू ही रहे。
तीसरे टी20 मैच में हरमनप्रीत कौर अपने पुराने और आक्रामक तेवर में नजर आईं। उन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए 41 गेंदों में 10 चौके और 5 छक्के जड़े और नाबाद 91 रन बनाए।
उनका स्ट्राइक-रेट 221.95 का रहा, जिसने भारतीय पारी को 216/7 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। यह पारी हरमनप्रीत के लिए केवल आंकड़े नहीं थी, बल्कि पिछले कुछ महीनों के मानसिक दबाव, फॉर्म की आलोचनाओं और कप्तानी से हटने के बाद खुद को साबित करने की एक जोरदार दहाड़ थी。
मुकाबले के बाद जब आधिकारिक ब्रॉडकास्टर पर पूर्व भारतीय मुख्य कोच डब्ल्यूवी रमन (WV Raman) ने हरमनप्रीत से बात करना शुरू किया, तो वे बातचीत के दौरान ही बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
आंसू पोंछते हुए हरमनप्रीत ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और कहा कि वे लंबे समय से सिर्फ अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाना चाहती थीं:
“मैं बस क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहती थी और अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी को एंजॉय करना चाहती थी। जब चीजें आपके पक्ष में नहीं जा रही होती हैं, तो मैदान पर समय बिताना बहुत मायने रखता है। मुझे खुशी है कि मुझे आज खुलकर खेलने का मौका मिला।”
इंटरव्यू के दौरान हरमनप्रीत ने पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने याद किया कि कैसे रमन ने कठिन समय में उन्हें फोन कर हौसला दिया था और कहा था कि वे किसी भी बाहरी दबाव या अपेक्षा की परवाह किए बिना मैदान पर जाकर सिर्फ खेल का आनंद लें।
रमन से बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि उनके उन शब्दों ने उन्हें मानसिक रूप से तरोताजा करने और बिना किसी हिचकिचाहट के स्वाभाविक शॉट्स खेलने में बहुत मदद की।
knowing how badass tough harman is, watching her break down like this just shows what all she’s actually going thru, hope you pull thru all this gurl! https://t.co/n0umC975R6
— Sneहाहाहा (@__Sn_e_ha__) October 20, 2026
अपनी फॉर्म की वापसी के लिए हरमनप्रीत ने अपने निजी बैटिंग कोच हिमांशु की भूमिका को भी बेहद अहम बताया। उन्होंने खुलासा किया कि एशियन गेम्स के समाप्त होने के बाद उन्होंने नेट्स में कई अतिरिक्त घंटे बिताए और अपनी बैटिंग तकनीक और फुटवर्क पर काम किया।
हरमनप्रीत ने बताया कि कोच हिमांशु ने उनके आत्मविश्वास को फिर से जगाने में दिन-रात एक किया। 91 रनों की इस पारी में उनकी पावर-हिटिंग और मानसिक मजबूती उसी नेट्स की कड़ी मेहनत का नतीजा थी।
भारतीय महिला टीम ने सीरीज के तीनों मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीते:
टी20 सीरीज में 3-0 की शानदार जीत के बाद भारतीय महिला टीम अब 23 अक्टूबर 2026 से वडोदरा (गुजरात) में शुरू होने वाली तीन मैचों की एकदिवसीय (ODI) श्रृंखला में हिस्सा लेगी, जहां हरमनप्रीत अपनी इसी फॉर्म को 50 ओवर के प्रारूप में भी जारी रखना चाहेंगी।
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