IND vs SA 3rd ODI: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की ODI सीरीज़ के निर्णायक (decider) मुकाबले से पहले, टीम इंडिया ने आखिरकार एक बड़े 'मनहूस' रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल (KL Rahul) ने 20 लगातार ODI टॉस हारने के बाद, तीसरे और अंतिम मुकाबले में टॉस जीता और बिना किसी हिचकिचाहट के पहले गेंदबाज़ी (Fielding) करने का फैसला किया।
पिछले दो सालों से चला आ रहा यह सिलसिला, जिसने टीम इंडिया के प्रशंसकों को भी हैरान कर रखा था, आज विशाखापत्तनम (Vizag) में समाप्त हुआ। टॉस जीतकर राहुल के चेहरे पर एक बड़ी राहत और मुस्कान देखी गई, क्योंकि पिछले दो मैचों में टॉस हारने की वजह से उन्हें भारी ओस (dew) में गेंदबाजी करनी पड़ी थी, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर साफ दिखा था।
20 बार टॉस हारने का अपना सिलसिला तोड़ने के लिए कप्तान केएल राहुल ने आज एक अनोखी ट्रिक आजमाई और दूसरे ODI तक दाएं हाथ से टॉस करने के बाद, आखिर में उन्होंने अहम मैच में बाएं हाथ से टॉस करके टॉस जीत लिया!
टॉस जीतने के बाद, केएल राहुल ने कहा:
"हम पहले गेंदबाज़ी करने जा रहे हैं। हमने कल रात यहाँ ट्रेनिंग की थी, ओस थी और यह रांची और रायपुर जितनी जल्दी नहीं आई थी। हम कुल योग का पीछा करना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि हम पहले कैसे गेंदबाज़ी कर सकते हैं। यह एक अच्छी विकेट लग रही है। हम पिछले दो मैचों में जिस तरह से खेले हैं, उससे हम वास्तव में खुश हैं। परिस्थितियों को देखते हुए, हमने अच्छा प्रदर्शन किया है और कई सकारात्मक बातें हैं। हम ज़्यादा बदलाव नहीं कर रहे हैं। एक बदलाव: वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) की जगह तिलक वर्मा (Tilak Varma) टीम में आए हैं।"
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा (Temba Bavuma) भी पहले गेंदबाज़ी करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इस बात पर खुशी ज़ाहिर की कि उनका शीर्ष क्रम अच्छी शुरुआत देगा।
टॉस जीतने के बाद, बावुमा ने कहा:
बावुमा: "हम भी पहले गेंदबाज़ी करना चाहते थे। एक अच्छी शुरुआत हमारे मध्य क्रम के लिए चीज़ें सेट कर देगी। यह मनोरंजक रहा है। भीड़ उमड़ पड़ी है। उम्मीद है कि आज एक और रोमांचक मैच होगा। दो बदलाव।"
पिछले दो मुकाबलों में, ओस ने दूसरी पारी में गेंदबाज़ी को बेहद मुश्किल बना दिया था, जिससे चेज़ करने वाली टीम को बहुत मदद मिली थी। इसी वजह से दोनों कप्तान पहले गेंदबाज़ी करना चाहते थे। केएल राहुल का यह फैसला, टीम इंडिया को सीरीज़ जीतने के लिए ज़रूरी 'टॉस एडवांटेज' प्रदान करता है।
इस 'टॉस के मनहूसियत' से बाहर निकलने के बाद, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारतीय टीम इस महत्वपूर्ण फ़ायदे का लाभ उठाकर सीरीज़ अपने नाम कर पाती है या नहीं।