भारत और वेस्टइंडीज के बीच दिल्ली में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में कुलदीप ने पहले अपनी फिरकी से वेस्टइंडीज को परेशान किया, लेकिन दूसरी पारी में वह असरदार नहीं रहे और जमकर रन लुटाए।
किस्मत कैसे पलटी खाती है ये दिल्ली टेस्ट मैच में कुलदीप यादव के साथ देखने को मिला है। अपनी फिरकी के दम पर पांच बल्लेबाजों को आउट कर वेस्टइंडीज को दिल्ली टेस्ट के तीसरे दिन पहली पारी में 248 रनों पर ढेर करने वाले कुलदीप डेढ़ दिन में जीरो बन गए। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में उनको विकेटों के लिए तरसा दिया और साथ ही करियर पर दाग भी लगा दिया।
भारत ने इस मैच की पहली पारी पांच विकेट के नुकसान पर 518 रनों पर घोषित कर दी। फिर वेस्टइंडीज को 248 रनों पर ढेर कर दिया। टीम इंडिया के पास 270 रनों की बढ़त थी। जिस तरह से भारत की गेंदबाजी और विंडीज की बल्लेबाजी रही थी उसे देख लग रहा था कि ये मैच भी भारत पारी से जीत लेगा, लेकिन मेहमान टीम ने पलटवार किया और 390 रन बनाते हुए भारत को 121 रनों का टारगेट दिया।
पहली पारी में कुलदीप ने 58 रन देकर पांच विकेट लिए थे। दूसरी पारी में उनका जादू नहीं चला और 29 ओवरों में 104 रन देकर तीन विकेट लिए। ये पहली बार हुआ है जब कुलदीप ने टेस्ट मैच की एक पारी में 100 से ज्यादा रन दिए हैं। ये शतक उनके जीवन में पहली बार आया है। कुलदीप से उम्मीद थी कि वह पहली पारी की तरह की दूसरी पारी में भी अपनी फिरकी का जादू चला विंडीज को जल्दी समेटेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उन्हें विकेट लेने में समय लगा।
हालांकि, वेस्टइंडीज के पलटवार के बाद भी टीम इंडिया जीत के करीब है। उसने 121 रनों के जवाब में चौथे दिन का अंत ए विकेट के नुकसान पर 63 रनों के साथ किया है। केएल राहुल 25 और साई सुदर्शन 30 रन बनाकर खेल रहे हैं। भारत ने पहली पारी में यशस्वी जायसवाल के 175 और कप्तान शुभमन गिल के नाबाद 129 रनों के दम पर विशाल स्कोर खड़ा किया था।
बात शुरू होती है तीसरे दिन है। भारत द्वारा पहली पारी में बनाए गए 518 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 248 रनों पर ढेर हो गई। भारत के पास 270 रनों की बढ़त थी और लग रहा था कि वह ज्यादा से ज्यादा चौथे दिन पहले सेशन तक जीत हासिल कर लेगी। तभी जॉन कैम्पबेल और शै होप ने पैर जमाते हुए शतक जमाए और वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 390 रन बनाते हुए भारत को 121 रनों का टारगेट दिया।
होप के जाने के बाद लगा कि भारत अब जल्दी विंडीज को आउट कर देगा। लेकिन तभी जस्टिन ग्रीव्स ने विकेट पर पैर जमा लिए। खारी पिएर बिना खाता खोले आउट हो गए। जोमेल वारिकेन भी तीन रन ही बना सके। एंडरसन फिलिप दो रन ही बना पाए। ग्रीव्स को साथ मिला तो जेडन सील्स का जिन्होंने 32 रनों की पारी खेली और ग्रीव्स के साथ मिलकर 79 रनों की पार्टनरशिप की। ग्रीव्स ने 85 गेंदों का सामना कर तीन चौकों की मदद से नाबाद 50 रन बनाए। सील्स ने 67 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के के दम पर 32 रन बनाए। बुमराह ने सील्स को आउट कर विंडीज की पारी खत्म की।
भारत को 121 रनों का टारगेट मिला था। पहली पारी में शतक जमाने वाले यशस्वी जायसवाल शुरू से आक्रामक थे और इसी कारण वह अपना विकेट जल्दी खो बैठे। उन्होंने वारिकेन की गेंद पर बड़ा शॉट मारना चाहा लेकिन लॉन्ग ऑन पर फिलिप के हाथों लपके गए। वह आठ रन ही बना सके। यहां से फिर राहुल और सुदर्शन ने दिन का खेल खत्म होने तक कोई और झटका नहीं लगने दिया।