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लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

chirag pic By - शुक्रवार, अक्टूबर 02, 2026
Last Updated on अक्टूबर 02, 2026 11:58 पूर्वाह्न
लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

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एशियन गेम्स 2026: भारतीय मुक्केबाजी की स्टार खिलाड़ी लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल मुकाबले में लवलीना ने जबरदस्त आक्रामकता और तकनीकी श्रेष्ठता का परिचय देते हुए मेजबान चीन की बाओ जियाई (Bao Jiyi) को 5-0 से एकतरफा अंदाज में पराजित किया और भारत की झोली में एक और स्वर्णिम सफलता डाली।

यह ऐतिहासिक जीत लवलीना के करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर है। वे दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम के बाद एशियाई खेलों के इतिहास में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की केवल दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं।

लवलीना बोरगोहेन ने जीता गोल्ड, चीन की बाओ जियाई को 5-0 से रौंदा

महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में लवलीना बोरगोहेन और चीन की बाओ जियाई के बीच जोरदार भिड़ंत देखने को मिली। शुरुआती राउंड में दोनों मुक्केबाजों ने संभलकर खेलते हुए एक-दूसरे की रणनीति को भांपने की कोशिश की।

लवलीना ने धैर्य बनाए रखा और सटीक, साफ-सुथरे पंच लैंड करने पर ध्यान केंद्रित किया। पहले राउंड में कड़े मुकाबले के बाद भारतीय बॉक्सर ने 3-2 की मामूली बढ़त हासिल की।

दूसरे राउंड में भी मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन लवलीना ने अपनी लंबी रीच और फुटवर्क का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी। इसके बाद तीसरे और अंतिम राउंड में लवलीना ने अपने आक्रामक तेवर दिखाए और चीनी मुक्केबाज को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

पाँचों जजों ने सर्वसम्मति से लवलीना के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें 5-0 से विजयी घोषित कर स्वर्ण पदक विजेता बनाया।

एशियन गेम्स बॉक्सिंग में रचा स्वर्णिम इतिहास

यह स्वर्ण पदक लवलीना बोरगोहेन के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उनकी इस ऐतिहासिक खिताबी जीत ने एशियाई खेलों में भारतीय महिला मुक्केबाजी के गौरवशाली सफर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

75 किग्रा वर्ग के इस फाइनल में घरेलू दर्शकों के भारी दबाव और समर्थन के बावजूद लवलीना ने जिस शांतचित्त अंदाज में चीनी बॉक्सर को मात दी, उसने साबित कर दिया कि वे बड़े मंचों की खिलाड़ी हैं।

lovlina borgohain creates history with gold at asian games 2026

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मैरी कॉम के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर

इस स्वर्ण पदक के साथ ही लवलीना का नाम महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम (Mary Kom) के साथ इतिहास के पन्नों में अमर हो गया है।

मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में महिलाओं के 51 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वे एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं।

अब ठीक 12 साल बाद, लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 के 75 किग्रा वर्ग में यह स्वर्णिम करिश्मा दोहराया है।

मैरी कॉम और लवलीना बोरगोहेन: भारत की दो एशियन गेम्स बॉक्सिंग चैंपियन

अब तक भारत के खेल इतिहास में केवल दो ही महिला मुक्केबाज एशियाई खेलों में पोडियम के शीर्ष पर पहुँचकर स्वर्ण पदक जीत सकी हैं:

  • मैरी कॉम: 51 किग्रा वर्ग (2014 इंचियोन एशियन गेम्स) - स्वर्ण पदक
  • लवलीना बोरगोहेन: 75 किग्रा वर्ग (2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स) - स्वर्ण पदक

ओलंपिक पदक विजेता लवलीना का यह कारनामा इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने दिग्गज मैरी कॉम के पदचिह्नों पर चलते हुए भारतीय मुक्केबाजी का परचम एशिया के सबसे बड़े मंच पर लहराया है।

2022 का सिल्वर बदला 2026 के गोल्ड में

लवलीना की यह खिताबी जीत उनके अटूट संकल्प और जज्बे की भी कहानी है। उन्होंने 2022 हांग्जो एशियाई खेलों में रजत पदक (Silver Medal) जीता था, जहाँ वे फाइनल में चूक गई थीं।

उस हार के बाद से ही उनका एकमात्र लक्ष्य अपने पदक के रंग को बदलना था। चार साल के कड़े अभ्यास और अनुशासन के दम पर उन्होंने 2026 के फाइनल में 5-0 की एकतरफा जीत दर्ज कर अपने सिल्वर मेडल को ऐतिहासिक गोल्ड में तब्दील कर दिया।

भारत की पदक तालिका को मिली नई मजबूती

लवलीना बोरगोहेन की इस स्वर्णिम सफलता ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों के आंकड़े को और मजबूत कर दिया है।

महिला 75 किग्रा वर्ग में आया यह गोल्ड मेडल भारतीय बॉक्सिंग दल के लिए इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा और यादगार क्षण बन गया है, जिसने महाद्वीपीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजों की ताकत का लोहा मनवाया है।

प्रेरणादायक सफर: सिल्वर से गोल्ड तक का ऐतिहासिक मुकाम

असम के गोलाघाट से निकलकर ओलंपिक पोडियम और अब दो एशियाई खेलों में लगातार पदक जीतने वाली लवलीना का यह सफर भारतीय खेल जगत के लिए बेहद प्रेरणादायक है।

चीन की बाओ जियाई को 5-0 से धूल चटाकर जीता गया यह स्वर्ण पदक न केवल लवलीना के करियर का मील का पत्थर है, बल्कि यह आने वाली युवा भारतीय महिला मुक्केबाजों को भी दुनिया फतह करने का हौसला देगा।

यह भी पढ़ें: 75 साल बाद भारत ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स 2026 में जीता आर्चरी गोल्ड

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