नाना पाटेकर ने फ़िल्मों में कई तरह के रोल किए, लेकिन उनकी ज़िंदगी का एक पहलू ऐसा भी था जो सिनेमा की दुनिया से बिल्कुल अलग था। एक्टिंग में अपनी एक अलग पहचान बनाने के साथ-साथ, नाना पाटेकर नेशनल लेवल के शूटर भी थे और उन्होंने एक मेडल भी जीता था।
नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। आज सुबह गोवा में 75 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। नाना पाटेकर उन हिंदी सिनेमा एक्टर्स में गिने जाते हैं जिन्होंने अपनी एक्टिंग से अपनी एक अलग पहचान बनाई। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि शानदार एक्टिंग के अलावा, वे एक माहिर निशानेबाज़ भी थे। उन्होंने स्टेट और नेशनल लेवल की शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और नेशनल चैंपियनशिप में मेडल भी जीता।
दिलचस्प बात यह है कि नाना पाटेकर ने कम उम्र में शूटिंग शुरू नहीं की थी; बल्कि, उन्होंने 40 साल की उम्र के बाद इसे शुरू किया। 2011 के एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शूटिंग प्रतियोगिता के इनाम वितरण समारोहों में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने से उन्हें अलग-अलग तरह की बंदूकें चलाने और उनसे निशाना लगाने का मौका मिला। धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी बढ़ी और उनकी निशानेबाज़ी बेहतर होती गई।
नाना ने बताया कि उन्होंने बहुत छोटे टारगेट, जैसे मिनरल वॉटर की बोतल के ढक्कन, पर निशाना लगाकर शुरुआत की थी। उन्होंने 2001 के आसपास प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया, जब वे 49 साल के थे। उन्होंने 50-मीटर राइफल प्रोन और 300-मीटर बिग-बोर इवेंट्स में हिस्सा लिया। तैयारी के लिए, उन्होंने कई शूटिंग रेंज में कड़ी ट्रेनिंग ली, जिनमें बालेवाड़ी (पुणे) और महू की रेंज शामिल थीं।
उनकी फ़िल्म प्रहार ने उनके शूटिंग के सफ़र में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 1991 की इस फ़िल्म के लिए भारतीय सेना के साथ ट्रेनिंग की थी, और माना जाता है कि सेना के साथ मिले अनुभव ने बाद में शूटिंग में उनकी बहुत मदद की।
नाना की मेहनत नेशनल लेवल पर भी रंग लाई। 2004 में, उन्होंने इंदौर में BSF रेवती रेंज में हुई 48वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के 300-मीटर बिग-बोर इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। इसके लगभग तीन साल बाद, 2007 में, उन्होंने महाराष्ट्र टीम के सदस्य के तौर पर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।गौरतलब है कि नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर की सुबह हुआ। खबरों के मुताबिक, वे गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए थे। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की। सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है। नाना पाटेकर के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
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