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सौरव गांगुली ने 2026-27 भारत vs ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में ईडन गार्डेंस को जगह न मिलने पर BCCI की वेन्यू रोटेशन पॉलिसी का समर्थन किया। पूर्व कप्तान बोले - मैच दूसरे शहरों जैसे गुवाहाटी और रांची को भी मिलने चाहिए। पूरी खबर पढ़ें।
कोलकाता/ईडन गार्डेंस को भारत के 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन में कोई टेस्ट मैच न मिलने के बावजूद पूर्व भारतीय कप्तान और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने चिंता जताने की बजाय BCCI की वेन्यू रोटेशन पॉलिसी का खुलकर समर्थन किया है।
BCCI ने हाल ही में भारत के 2026-27 होम सीजन का पूरा शेड्यूल जारी किया है। इस सीजन में वेस्ट इंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुल 22 मैच (टेस्ट, वनडे और टी20) खेले जाएंगे। सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया) की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज जनवरी-मार्च 2027 में खेली जाएगी।
पारंपरिक टेस्ट सेंटर्स कोलकाता (ईडन गार्डेंस) और मुंबई (वानखेड़े) को इस हाई-प्रोफाइल सीरीज में टेस्ट मैच नहीं दिए गए हैं। दोनों शहर इस सीजन में केवल व्हाइट-बॉल (वनडे/टी20) मैच ही होस्ट करेंगे। गुवाहाटी, जो नवंबर 2025 में अपना पहला टेस्ट होस्ट कर चुका है, अब मात्र एक साल से भी कम समय में दूसरा टेस्ट होस्ट करेगा।
गांगुली ने कहा, “ईडन गार्डेंस पर बड़े टेस्ट मैच वापस आना हमेशा शानदार होता है। CAB के अध्यक्ष और पूर्व खिलाड़ी के रूप में मैं यहां टेस्ट मैच कराना चाहता हूं, लेकिन हमने हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच होस्ट किया था, उसके बाद T20 विश्व कप के मैच और IPL के मैच भी यहां हुए।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन पूरे भारत के स्टेडियम अब बहुत अच्छे हो गए हैं। मुझे चेन्नई में टेस्ट मैच देखकर खुशी हो रही है, साथ ही गुवाहाटी और रांची जैसे शहरों में मैच हो रहे हैं जहां सुविधाएं बेहतरीन हैं। जितना भी आप ईडन पर मैच चाहें, यह समझना जरूरी है कि मैचों को दूसरे वेन्यू पर भी जाना चाहिए।”
गांगुली ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस फैसले से चिंतित नहीं हैं और BCCI की इस नीति का समर्थन करते हैं कि टेस्ट क्रिकेट को केवल पारंपरिक शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई क्रिकेट प्रेमी और विशेषज्ञ पारंपरिक केंद्रों को नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठा रहे थे। गांगुली का रुख दिखाता है कि वे क्रिकेट के व्यापक विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पृष्ठभूमि: BCCI पिछले कुछ सालों से वेन्यू रोटेशन पॉलिसी पर जोर दे रही है ताकि छोटे शहरों और नए स्टेडियमों को भी अंतरराष्ट्रीय मैच मिल सकें और क्रिकेट का आधार देशव्यापी बने।