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सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 मैराथन में भारत के लिए जीता सिल्वर मेडल

chirag pic By - शनिवार, सितंबर 26, 2026
Last Updated on सितंबर 26, 2026 08:56 पूर्वाह्न
सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 मैराथन में भारत के लिए जीता सिल्वर मेडल

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भारत के लंबी दूरी के स्टार धावक सावन बरवाल (Sawan Barwal) ने एशियन गेम्स 2026 में शनिवार, 26 सितंबर को पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में ऐतिहासिक रजत पदक (Silver Medal) जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया है। 28 वर्षीय भारतीय सेना के धावक ने 42.195 किलोमीटर की दूरी महज 2 घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड (2:11:37) में पूरी कर अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय (Personal Best) दर्ज किया और अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

इस ऐतिहासिक रजत पदक ने एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन स्पर्धा में भारत के 44 साल लंबे पदक के सूखे को समाप्त कर दिया है। नागोया की सड़कों पर सावन रेस के अधिकांश हिस्से में पहले स्थान पर दौड़ते रहे, लेकिन अंतिम चरण में जापान के इचिताका यामाशिता ने जोरदार बढ़त बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

एशियन गेम्स 2026 पुरुष मैराथन: सावन बरवाल ने जीता ऐतिहासिक सिल्वर मेडल

सावन बरवाल ने पूरे मुकाबले में असाधारण ऊर्जा, गति और धैर्य का परिचय देते हुए एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में दूसरा स्थान हासिल किया।

बरवाल ने फिनिश लाइन को 2 घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में पार कर देश के लिए रजत पदक पक्का किया। घरेलू दर्शकों के सामने दौड़ रहे जापान के इचिताका यामाशिता ने 2:10:49 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के पेइयू फेंग ने 2:12:13 का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया।

बरवाल स्वर्ण पदक विजेता यामाशिता से केवल 48 सेकंड पीछे रहे और रेस के अंतिम 2 किलोमीटर तक गोल्ड मेडल की सीधी जंग में बने रहे।

रेस में सावन का दबदबा: 35km तक लगातार बनाए रखी बढ़त

हिमाचल प्रदेश के रहने वाले सावन बरवाल ने शुरुआत से ही आक्रामक गति पकड़ी और खुद को शीर्ष धावकों के बीच स्थापित कर लिया।

शुरुआती 5 किमी के चेकपॉइंट पर वे 15:28 के समय के साथ दूसरे स्थान पर थे, लेकिन 10 किमी का मार्क पार करते ही उन्होंने रेस का नेतृत्व अपने हाथों में ले लिया।

रेस के प्रमुख चरणों में सावन की टाइमिंग और स्थिति इस प्रकार रही:

  • 5 किमी: 15:28 – दूसरा स्थान
  • 10 किमी: सावन ने बढ़त बनाई और पहले स्थान पर आए
  • 15 किमी: 47:35 – पहले स्थान पर कायम रहे
  • 20 किमी: 1:02:35 – बढ़त बरकरार रखी
  • 21.1 किमी (हाफवे मार्क): 1:05:54 – आधे रास्ते तक बढ़त बनाए रखी
  • 25 किमी: 1:18:19 – पहले स्थान पर नियंत्रण
  • 30 किमी: यामाशिता के करीब आने पर एक सेकंड के अंतर से दूसरे स्थान पर खिसके
  • 35 किमी: 1:49:29 के साथ फिर से बढ़त हासिल की
  • 40 किमी के बाद: जापानी धावक ने निर्णायक बढ़त बनाई
  • फिनिश लाइन: 2:11:37 के साथ ऐतिहासिक रजत पदक

यामाशिता ने 40 किमी के बाद अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए 20 से 30 मीटर का फासला बना लिया और घरेलू मैदान पर स्वर्ण पदक जीत लिया।

sawan barwal wins silver in asian games 2026

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एशियन गेम्स 2026: सावन बरवाल की रेस का विश्लेषण

सावन बरवाल पूरे 42.195 किमी के दौरान केवल पोडियम का पीछा नहीं कर रहे थे, बल्कि उन्होंने रेस की रफ्तार खुद तय की। शुरुआती 25 किमी तक लगातार आगे रहने के उनके आक्रामक दृष्टिकोण ने उन्हें गोल्ड का सबसे प्रबल दावेदार बना दिया था।

30 किमी पर यामाशिता ने जब उन्हें पछाड़ा, तो सावन ने 35 किमी पर फिर से पलटवार कर पहला स्थान छीन लिया।

हालांकि, अंतिम 2 किलोमीटर में जापानी एथलीट का अनुभव काम आया। इसके बावजूद सावन ने तीसरे स्थान पर चल रहे चीनी धावक से 36 सेकंड की सुरक्षित दूरी बनाए रखी और शान से सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

मैराथन में 44 साल का सूखा खत्म: भारत के नाम स्वर्णिम उपलब्धि

सावन बरवाल के इस रजत पदक ने एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में भारत के 44 वर्षों के लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया है।

इससे पहले भारत ने आखिरी बार 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में मैराथन पदक जीता था, जब होसूर कुक्कप्पा सीताराम (H.K. Sitaram) ने कांस्य पदक जीता था।

वहीं, 1951 के पहले एशियाई खेलों (नई दिल्ली) में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था।

सावन की यह उपलब्धि इसलिए सबसे खास है क्योंकि वे भारत से बाहर विदेशी धरती पर एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं।

sawan barwal wins silver in asian games 2026 1

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नागोया में सावन ने तोड़ा अपना ही नेशनल रिकॉर्ड

सावन बरवाल ने नागोया में केवल पदक ही नहीं जीता, बल्कि भारत के मैराथन इतिहास के समय को और तेज कर दिया।

उनका 2:11:37 का समय उनके पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड (2:11:58) से 21 सेकंड बेहतर है, जिसे उन्होंने अप्रैल 2026 में नीदरलैंड्स के रॉटरडैम मैराथन में अपने डेब्यू के दौरान बनाया था।

रॉटरडैम से पहले भारत का नेशनल मैराथन रिकॉर्ड महान धावक शिवनाथ सिंह (2:12:00) के नाम था, जो 1978 से यानी पिछले 48 वर्षों से अटूट था। सावन ने पहले जालंधर और रॉटरडैम में उस 48 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा और अब नागोया में अपने ही समय में और सुधार कर नया कीर्तिमान रच दिया।

यामाशिता को गोल्ड, पेइयू फेंग को कांस्य पदक

जापान के इचिताका यामाशिता ने 2:10:49 के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

चीन के पेइयू फेंग (Peiyou Feng) ने 2:12:13 का समय निकालते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

अंतिम 7 किलोमीटर की रणनीति और गति परिवर्तन इस रोमांचक मैराथन का सबसे निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

भारत के कार्तिक कारकेरा 17वें स्थान पर रहे

पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में भाग ले रहे एक अन्य भारतीय धावक कार्तिक कारकेरा 19 प्रतिस्पर्धियों के बीच 17वें स्थान पर रहे।

हालांकि कार्तिक शीर्ष धावकों को चुनौती नहीं दे सके, लेकिन सावन बरवाल के रजत पदक ने पूरे भारतीय एथलेटिक्स दल का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया।

सावन बरवाल के ऐतिहासिक रिकॉर्ड और प्रमुख उपलब्धियां:

  • एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन स्पर्धा में रजत पदक (Silver Medal) जीता।
  • एशियाई खेलों की मैराथन में भारत का 44 साल का मेडल सूखा खत्म किया।
  • 2:11:37 का नया पर्सनल बेस्ट और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया।
  • अप्रैल 2026 में रॉटरडैम में बनाए अपने 2:11:58 के नेशनल रिकॉर्ड में 21 सेकंड का सुधार किया।
  • भारत से बाहर (विदेशी धरती पर) एशियन गेम्स मैराथन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
  • 1951 (छोटा सिंह, सूरत सिंह) और 1982 (एच.के. सीताराम) के बाद मैराथन मेडल जीतने वाले भारत के चौथे एथलीट बने।

भारतीय एथलेटिक्स के सुनहरे इतिहास में दर्ज हुआ सावन का नाम

सावन बरवाल के इस रजत पदक ने भारतीय एथलेटिक्स के पन्नों में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। अपनी पहली ही एशियाई मैराथन में 2:11:37 का समय निकालकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय लंबी दूरी की दौड़ में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धावकों को कड़ी टक्कर देने का दम रखते हैं।

44 वर्षों के इंतजार को तोड़ते हुए विदेशी सरजमीं पर तिरंगा लहराने वाले सावन बरवाल की यह ऐतिहासिक दौड़ आने वाले वर्षों में लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक (LA28) के लिए भारत की उम्मीदों को नई उड़ान देगी।

यह भी पढ़ें: गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता

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