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भारत 17 सितंबर से अपने एशियन गेम्स 2026 अभियान की शुरुआत करने जा रहा है, जहाँ 508 भारतीय एथलीट विभिन्न खेल स्पर्धाओं में तिरंगे का मान बढ़ाने उतरेंगे। भारतीय दल में सबसे बड़ी हिस्सेदारी एथलेटिक्स की है, जिसके बाद हॉकी, क्रिकेट और निशानेबाजी (शूटिंग) के खिलाड़ी शामिल हैं।
भारतीय दल का मुख्य लक्ष्य हांग्जो 2022 एशियाई खेलों के अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को और बेहतर करना होगा, जहाँ भारत ने 28 स्वर्ण पदकों सहित कुल 106 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था।
भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें गत चैंपियन के रूप में मैदान में उतरेंगी, जबकि कबड्डी टीम भी अपने दबदबे को जारी रखना चाहेगी। इसके अलावा तीरंदाजी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) और एथलेटिक्स में कई व्यक्तिगत सितारे आकर्षण का केंद्र होंगे।
यहाँ हम नजर डाल रहे हैं उन 10 भारतीय एथलीटों पर, जो एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक (Gold Medal) के सबसे प्रबल दावेदार हैं:
ज्योति सुरेखा वेन्नम कंपाउंड तीरंदाजी में भारत की सबसे मजबूत पदक उम्मीदों में से एक हैं। उन्होंने हांग्जो एशियाई खेल 2022 में सनसनीखेज प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे।
बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी गजब की निरंतरता ने उन्हें भारत की प्रमुख तीरंदाज बनाया है। ज्योति 2026 में भी अपने उसी स्वर्णिम विजय रथ को जारी रखने के इरादे से उतरेंगी।
धीरज बोम्मदेवरा भारत के शीर्ष पुरुष रिकर्व तीरंदाज बनकर उभरे हैं। उन्होंने तीरंदाजी विश्व कप का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बनकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया था।
25 वर्षीय धीरज ने अंताल्या विश्व कप 2026 में भी स्वर्ण पदक जीता था। उनके हालिया अंतरराष्ट्रीय फॉर्म को देखते हुए वे एशियाई खेलों में भारत के सबसे बड़े पदक दावेदार माने जा रहे हैं।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधु एशियन गेम्स 2026 के बैडमिंटन कोर्ट पर भारत का सबसे बड़ा चेहरा होंगी।
सिंधु ने अपने शानदार करियर में लगभग हर बड़ा खिताब जीता है, लेकिन एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक उनके खाते में जुड़ना अभी बाकी है। 2026 में यह गोल्ड मेडल उनके पहले से सजे कैबिनेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ सकता है।
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लक्ष्य सेन पुरुष एकल बैडमिंटन में भारत के सबसे बड़े पदक दावेदार होंगे। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष भारत की ऐतिहासिक थॉमस कप खिताबी जीत में भी निर्णायक भूमिका निभाई थी।
दुनिया के शीर्ष शटलरों के खिलाफ खेलने के लंबे अनुभव के साथ, लक्ष्य सेन 2026 में स्वर्ण पदक के लिए मजबूत चुनौती पेश करने उतरेंगे।
एशियाई खेलों में निशानेबाजी रेंज पर सबकी नजरें स्टार शूटर मनु भाकर पर होंगी। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बनने का गौरव हासिल किया था।
उनका ओलंपिक अनुभव और दबाव में सटीक निशाना लगाने की क्षमता उन्हें 2026 में निशानेबाजी रेंज पर गोल्ड का सबसे बड़ा दावेदार बनाती है।
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टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू महिला भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) में देश की उम्मीदों का भार उठाएंगी।
32 वर्षीय स्टार खिलाड़ी 49 किग्रा भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। ओलंपिक और विश्व स्तर पर भारत का परचम लहराने के बाद, चानू का एकमात्र लक्ष्य एशियाई खेलों के पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल करना होगा।
सुजीत कलकल पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में मैट पर भारत की चुनौती पेश करेंगे और वे देखने लायक पहलवानों में शामिल होंगे।
हरियाणा के इस युवा पहलवान ने अपनी भार वर्ग श्रेणी में लगातार दबदबा बनाते हुए विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वे आक्रामक कुश्ती का प्रदर्शन कर भारत की झोली में कुश्ती का गोल्ड डालने का प्रयास करेंगे।
अमन सहरावत एशियन गेम्स 2026 में भारत के सबसे मजबूत कुश्ती दावेदारों में शामिल हैं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था और वे लगातार पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में अपना दबदबा बनाए हुए हैं।
ओलंपिक के कड़े मुकाबलों के अनुभव के साथ सहरावत इस बार पोडियम पर गोल्ड मेडल अपने नाम करने के प्रबल दावेदार हैं।
21 वर्षीय युवा सनसनी ईशा सिंह निशानेबाजी में भारत की शीर्ष उम्मीदों में से एक हैं। वे वर्तमान में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में विश्व की नंबर-1 और 10 मीटर एयर पिस्टल में दुनिया की दूसरे नंबर की शूटर हैं।
हांग्जो 2022 एशियाई खेलों में भी उन्होंने दो व्यक्तिगत रजत और एक टीम स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। अपनी मौजूदा फॉर्म के चलते ईशा गोल्ड मेडल की सबसे मजबूत दावेदार हैं।
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अविनाश साबले ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में भारत के सबसे भरोसेमंद एथलीट हैं। 3000 मीटर स्टीपलचेज के इस विशेषज्ञ ने पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और वे राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं।
चोट के चलते कुछ समय खेल से दूर रहने के बाद साबले ने इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। उनकी यह लय भारत के लिए एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल पक्का करने की उम्मीद जगाती है।
भारत एशियन गेम्स 2026 में ओलंपिक पदक विजेताओं, विश्व चैंपियनों, अनुभवी दिग्गजों और उभरती हुई युवा प्रतिभाओं के एक जबर्दस्त मिश्रण के साथ उतर रहा है।
ज्योति सुरेखा वेन्नम, धीरज बोम्मदेवरा, पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, मनु भाकर, मीराबाई चानू, सुजीत कलकल, अमन सहरावत, ईशा सिंह और अविनाश साबले पूरे देश की उम्मीदों का केंद्र होंगे।
17 सितंबर से शुरू हो रहे भारतीय अभियान के दौरान इन 10 सुपरस्टार्स के प्रदर्शन पर करोड़ों खेल प्रेमियों की नजरें होंगी, जहाँ भारत का लक्ष्य 2022 के 106 पदकों के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर नया कीर्तिमान स्थापित करना होगा।
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