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एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय दल के सामने एक अनपेक्षित और गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। लगभग चार से पांच भारतीय एथलीटों को अभी तक जापान का वीजा नहीं मिल सका है, जिससे टोक्यो के पास आयोजित भारतीय टीम के एक्लिमेटाइजेशन (अनुकूलन) कैंप में उनकी भागीदारी पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
भारत ने एशियाई खेल 2026 के लिए 207 सदस्यीय दल भेजा है और टीम 2022 संस्करण के अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को और बेहतर करने के इरादे से उतर रही है। एथलेटिक्स इस प्रतियोगिता में भारत का सबसे बड़ा दल है, जिसके चलते वीजा में हो रही यह देरी देश की पदक उम्मीदों के लिए चिंता का बड़ा सबब बन गई है।
भारतीय एथलेटिक्स दल के कई सदस्य पहले ही जापान पहुंच चुके हैं और वर्तमान में टोक्यो के पास स्थित एक संक्षिप्त अनुकूलन (acclimatization) कैंप में हिस्सा ले रहे हैं।
इस ट्रेनिंग कैंप का मुख्य उद्देश्य एथलीटों को नागोया में होने वाले मुकाबलों से पहले जापान के मौसम, स्थानीय परिस्थितियों और वातावरण में ढलने में मदद करना है।
हालांकि, पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, चार से पांच भारतीय एथलीटों को अभी तक जापानी वीजा नहीं मिल पाया है। यदि वे समय पर जापान नहीं पहुंच पाते हैं, तो यह देरी उनकी अंतिम तैयारियों और प्रदर्शन को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है।
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के अधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि इस समस्या का समाधान जल्द ही निकाल लिया जाएगा।
यदि यह रुकावट जारी रहती है, तो महासंघ वीजा प्रक्रिया में तेजी लाने और मामले को सुलझाने के लिए सीधे भारत सरकार से हस्तक्षेप और सहायता की मांग भी कर सकता है।
यह देरी इसलिए भी बड़ी चिंता का विषय बन गई है क्योंकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं जल्द ही शुरू होने वाली हैं, जिससे प्रभावित एथलीटों के पास यात्रा और अभ्यास के लिए बहुत कम समय बचेगा।
वीजा में आ रही यह रुकावट मुख्य रूप से आवेदन प्रक्रिया (Application Process) के नए नियमों से जुड़ी हुई है। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि वीजा और पासपोर्ट आउटसोर्सिंग का काम संभालने वाली एजेंसी वीएफएस (VFS) ने यह शर्त रखी है कि आवेदन उसी स्थान पर जमा किए जाएं जहां से पासपोर्ट जारी किए गए थे।
इस अनिवार्य आवश्यकता के कारण कुछ भारतीय एथलीटों के वीजा प्रोसेस होने में तकनीकी अड़चनें आईं और समय अधिक लग गया।
हालात चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद, खेल महासंघ के अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही इस तकनीकी पेंच को सुलझा लिया जाएगा।
वीएफएस की इस क्षेत्रीय नीति ने भारतीय एथलेटिक्स टीम के प्रभावित सदस्यों के लिए एक अतिरिक्त और अनावश्यक बाधा खड़ी कर दी है।
चूंकि एशियन गेम्स 2026 बेहद करीब हैं, खेल अधिकारी लगातार इस प्रयास में जुटे हैं कि संबंधित खिलाड़ियों के कागजात तुरंत क्लियर हों और वे जल्द से जल्द जापान के लिए उड़ान भर सकें।
जरूरत पड़ने पर एएफआई (AFI) इस मामले को विदेश मंत्रालय और खेल मंत्रालय के समक्ष उठाने की तैयारी में है।
भारतीय दल के लिए सबसे बड़ी चिंता मूल्यवान अनुकूलन समय (acclimatization time) का नुकसान होना है।
जिन एथलीटों को देर से वीजा मिलेगा, वे टोक्यो के पास चल रहे कैंप में पर्याप्त समय नहीं बिता पाएंगे। ऐसी भी प्रबल संभावना है कि कुछ एथलीट इस कैंप से पूरी तरह चूक जाएं और उन्हें सीधे नागोया जाकर बाकी भारतीय दल से जुड़ना पड़े।
कैंप मिस करने का सीधा मतलब यह होगा कि एथलीटों को अपनी स्पर्धाओं से पहले जापान की स्थानीय जलवायु और ट्रैक परिस्थितियों के अनुकूल होने का बेहद कम मौका मिलेगा।
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जो भारतीय एथलीट पहले ही जापान पहुंच चुके हैं, वे 20 सितंबर तक त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में अपना सघन प्रशिक्षण जारी रखेंगे।
तय कार्यक्रम के अनुसार, एथलेटिक्स स्पर्धाएं शुरू होने से दो दिन पहले टीम टोक्यो से नागोया के लिए रवाना होगी।
यह पूरा शेड्यूल इसलिए तैयार किया गया था ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में उतरने से पहले पूरी तरह तैयार होने का मौका मिल सके।
एशियन गेम्स 2026 की एथलेटिक्स स्पर्धाएं 23 सितंबर से आइची-नागोया में शुरू होने वाली हैं।
महाद्वीपीय खेलों में एथलेटिक्स भारत का सबसे बड़ा और सबसे सफल दल रहा है, जिससे देश को सबसे ज्यादा पदक जीतने की उम्मीदें बंधी हैं।
लिहाजा, भारतीय खेल प्रबंधन यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है कि वीजा की यह अड़चन प्रभावित खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक तैयारियों को प्रभावित न करे।
भारत 2022 के एशियाई खेलों के अपने शानदार प्रदर्शन को पीछे छोड़कर इस बार और अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रहा है।
भारत के पदक अभियान की रीढ़ एथलेटिक्स ही होने वाली है। ऐसे में किसी भी प्रमुख एथलीट की तैयारी में रुकावट पूरे दल की संभावनाओं के लिए एक बड़ा और अवांछित झटका साबित हो सकती है।
एएफआई को उम्मीद है कि शेष एथलीटों को अगले एक-दो दिनों में जापानी वीजा मिल जाएगा और वे निर्धारित योजना के अनुसार टीम के साथ जुड़ सकेंगे।
एथलेटिक्स के बाद, हॉकी भारत का दूसरा सबसे बड़ा दल है, जिसमें 40 सदस्य शामिल हैं। पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें भारत के लिए पदक की सबसे मजबूत दावेदारों में से एक हैं।
इसके अलावा, क्रिकेट भी एशियाई खेल 2026 का एक प्रमुख आकर्षण होगा। आईसीसी टी20 रैंकिंग के आधार पर, भारत उन चार शीर्ष टीमों में शामिल है जिन्हें सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है।
एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम का पहला मुकाबला 28 सितंबर को खेला जाएगा।
प्रतियोगिता का समय नजदीक आने के साथ, पूरा देश यही उम्मीद कर रहा है कि एथलीटों के जापानी वीजा का मुद्दा तुरंत सुलझ जाए ताकि खिलाड़ी बिना किसी मानसिक तनाव के देश के लिए पदक जीतने पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
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