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ईशान किशन की अगुवाई वाली ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है, जब 10 सितंबर को वेस्ट जोन के खिलाफ खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। मुकाबले का कोई सीधा नतीजा न निकलने के बावजूद पहली पारी में मिली विशाल बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को आधिकारिक तौर पर चैंपियन घोषित किया गया।
ईस्ट जोन ने शुरुआत से ही मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा और अपनी पहली पारी में 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में वेस्ट जोन की टीम दबाव में बिखर गई और महज 336 रनों पर ढेर हो गई, जिससे ईस्ट जोन को 372 रनों की भारी-भरकम पहली पारी की बढ़त हासिल हुई।
दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला पांचवें दिन में पहुंचा, जहां ईस्ट जोन बेहद मजबूत स्थिति में खड़ी थी। पहली पारी में विशाल बढ़त हासिल करने के बाद टीम ने दूसरी पारी में भी मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।
मैच का निर्धारित समय समाप्त होने तक ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी में 388/7 का स्कोर बना लिया था। चूंकि दोनों में से कोई भी टीम सीधा परिणाम निकालने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए मैच को आधिकारिक रूप से ड्रॉ घोषित किया गया।
हालांकि, पहली पारी की भारी बढ़त के नियम के चलते प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी का ताज ईस्ट जोन के सिर सजा।
इस खिताबी मुकाबले में पहली पारी की बढ़त ही सबसे निर्णायक कारक साबित हुई।
दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) नॉकआउट मैचों में नियम यह है कि यदि आवंटित समय समाप्त होने पर फाइनल का कोई सीधा परिणाम नहीं निकलता है, तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए थे, जबकि वेस्ट जोन केवल 336 रन ही बना सकी थी। इसने ईशान किशन की टीम को 372 रनों की विशाल मनोवैज्ञानिक और तकनीकी बढ़त दिला दी थी।
मैच समाप्त होने तक वेस्ट जोन इस अंतर को पाटने में पूरी तरह असमर्थ रही। नतीजतन, फाइनल ड्रॉ होने के बावजूद ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी 2026 का विजेता घोषित किया गया।
ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन बल्ले से अपने सनसनीखेज प्रदर्शन के दम पर फाइनल के सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे।
पहले बल्लेबाजी करते हुए किशन ने 270 रनों की मैराथन पारी खेली और आक्रामक स्ट्रोकप्ले से विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। उनकी इस विस्फोटक पारी में 30 चौके और सात गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
किशन के इस विशाल दोहरे शतक ने ईस्ट जोन को 700 रन का आंकड़ा पार कराने और मैच पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने भी कप्तान ईशान किशन का भरपूर साथ निभाते हुए एक शानदार शतकीय पारी खेली।
कुशाग्र ने आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से 101 रन बनाए। वहीं, शिखर मोहन ने भी महत्वपूर्ण 85 रनों का योगदान दिया।
ईस्ट जोन के शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के एकजुट प्रदर्शन के दम पर टीम अपनी पहली पारी में 708 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
ईस्ट जोन के इस विशाल स्कोर के बोझ तले वेस्ट जोन की टीम पूरी तरह दब गई।
पूरी टीम केवल 336 रनों पर सिमट गई, जिससे वह पहली पारी में 372 रन पीछे रह गई। यह फाइनल का सबसे निर्णायक मोड़ साबित हुआ, क्योंकि यही पहली पारी की बढ़त अंत में चैंपियन का फैसला करने का आधार बनी।
𝙏𝙝𝙖𝙩 𝙒𝙞𝙣𝙣𝙞𝙣𝙜 𝙁𝙚𝙚𝙡𝙞𝙣𝙜 🏆
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 10, 2026
Congratulations to the Ishan Kishan-led East Zone on winning their third #DuleepTrophy title 👏👏#EZvSZ | @ishankishan51 pic.twitter.com/u6D4UvOTEp
ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी टीम की इस खिताबी जीत में बेहद अनुशासित और प्रभावशाली भूमिका निभाई।
मुकेश कुमार तीन विकेट झटककर सबसे सफल गेंदबाज रहे। वहीं मोहम्मद शमी, मोहम्मद कौनेन कुरैशी और शिखर मोहन ने दो-दो विकेट अपने नाम किए।
गेंदबाजों के इस संयुक्त प्रयास ने सुनिश्चित किया कि वेस्ट जोन पहली पारी में ईस्ट जोन के स्कोर के करीब भी न फटक सके।
ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा।
मैच समाप्त होने तक टीम ने 388/7 रन बना लिए थे। ईशान किशन ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया और नौ चौकों व तीन छक्कों की मदद से 80 रन ठोके।
दोनों पारियों में उनके इस अविश्वसनीय प्रदर्शन ने उन्हें पूरे मुकाबले का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी बना दिया।
ईस्ट जोन की इस ऐतिहासिक खिताबी सफलता के केंद्र में कप्तान ईशान किशन का बल्ला रहा।
पहली पारी में 270 रन और फिर दूसरी पारी में 80 रन बनाने के असाधारण प्रदर्शन के लिए किशन को सर्वसम्मति से 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
उनके आक्रामक नेतृत्व और बल्लेबाजी के दम पर ईस्ट जोन ने फाइनल का कोई सीधा परिणाम न आने के बावजूद ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया।
पांचवें दिन का खेल समाप्त होने के बाद मैच आधिकारिक तौर पर ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों के कप्तानों ने खेल को समाप्त करने पर सहमति जताई, जब ईस्ट जोन दूसरी पारी में 388/7 पर खेल रही थी।
हालांकि, इस ड्रॉ ने ईस्ट जोन को ट्रॉफी उठाने से नहीं रोका। टूर्नामेंट के नॉकआउट नियमों के तहत उनकी 372 रनों की पहली पारी की बढ़त ने निर्णायक अंतर पैदा किया।
नतीजतन, ईशान किशन की अगुवाई वाली ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी 2026 का चैंपियन घोषित किया गया, जिसने फाइनल में एकतरफा और दबदबे भरे प्रदर्शन के साथ इस यादगार अभियान का समापन किया।
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