Image Source: X
भारतीय सिनेमा के दिग्गज और दमदार अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। इस दुखद खबर से पूरे फिल्म उद्योग और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार, 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित अपने आवास पर उन्हें दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा। उन्हें तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नाना पाटेकर को उनके बेजोड़ अभिनय, यादगार किरदारों और अनोखे डायलॉग डिलीवरी अंदाज के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। हालांकि, एक सफल अभिनेता होने के अलावा, उनके व्यक्तित्व का एक और पहलू था - क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव। वे केवल क्रिकेट प्रेमी ही नहीं थे, बल्कि बचपन में एक बेहतरीन ऑफ-स्पिनर भी रहे थे।
नाना पाटेकर ने अपने पुराने साक्षात्कारों में खुलासा किया था कि बचपन में क्रिकेट उनकी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा था। वे खुद मैच खेलते थे और दाएं हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी किया करते थे।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण नाना किसी पेशेवर क्रिकेट क्लब या अकादमी की महंगी फीस नहीं भर सकते थे। लेकिन पैसों की तंगी उनके क्रिकेट के जुनून को रोक नहीं सकी।
उन्होंने इसका अनूठा हल निकाला - वे मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क पहुँच जाते थे और वहां नेट्स में अभ्यास करने वाले क्लब और घरेलू क्रिकेटरों को गेंदबाजी कराते थे।
मुंबई का शिवाजी पार्क नाना पाटेकर के लिए महज एक मैदान नहीं था, बल्कि उनके सपनों की प्रयोगशाला था।
नेट्स में लगातार घंटों गेंदबाजी करते हुए उन्होंने अपनी स्पिन और लाइन-लेंथ को तराशा। भले ही बाद में जिंदगी उन्हें थिएटर और फिल्मों की दुनिया में ले आई, लेकिन शिवाजी पार्क की उस लाल मिट्टी की महक हमेशा उनके दिल में बसी रही।
सिनेमा में सुपरस्टार का दर्जा हासिल करने के बाद भी नाना के भीतर का क्रिकेटर हमेशा जिंदा रहा। एक साक्षात्कार में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि अगर उन्हें 10 दिन का समय और नेट्स में अभ्यास मिल जाए, तो वे आज भी किसी भी बल्लेबाज को अपनी फिरकी से परेशान कर सकते हैं।
दशकों तक बड़े पर्दे पर राज करने के बावजूद खेल के प्रति उनका समर्पण कभी कम नहीं हुआ।
नाना पाटेकर भारतीय क्रिकेट के आधुनिक दिग्गज विराट कोहली के खेल के जबर्दस्त प्रशंसक थे। वे मैदान पर कोहली की आक्रामकता, फिटनेस और मैच जिताने के जज्बे को बेहद पसंद करते थे।
नाना ने एक बार कोहली को लेकर बेहद दिलचस्प टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि जब भी विराट कोहली किसी मैच में सस्ते में आउट हो जाते हैं, तो उन्हें इतनी मायूसी होती है कि उनका खाना खाने का मन तक नहीं करता और उनकी भूख मर जाती है। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होती रही और मीम्स का हिस्सा भी बनी।
Image Source: X
नाना पाटेकर भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मुकाबलों को लेकर भी खासे उत्साहित रहते थे। उन्होंने कई बार बताया था कि जब भी दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने होते थे, तो वे टीवी स्क्रीन के सामने से हटते तक नहीं थे।
देश और तिरंगे के प्रति उनका अटूट जज्बा इन मैचों के दौरान साफ झलकता था।
नाना पाटेकर ने एक बार क्रिकेट और सिनेमा की तुलना करते हुए दोनों पेशों के दबाव को साझा किया था। उनका मानना था कि दोनों ही क्षेत्रों में प्रदर्शन का अंतिम फैसला जनता और दर्शक ही करते हैं:
"एक क्रिकेटर को मैदान पर 22 गज की पिच पर हर गेंद पर खुद को साबित करना होता है, जबकि एक अभिनेता महीनों या सालों तक एक फिल्म पर मेहनत करता है। लेकिन दोनों ही पेशों में अंत में फैसला सामने बैठी जनता की अदालत ही करती है।"
'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'परिंदा', 'खामोशी' और 'वेलकम' जैसी कालजयी फिल्मों से अभिनय का लोहा मनवाने वाले नाना पाटेकर की यह क्रिकेट कहानी उनके प्रशंसकों के लिए एक भावुक याद बन गई है।
बचपन में शिवाजी पार्क में नेट्स में गेंद फेंकने से लेकर विराट कोहली के विकेट पर खाना छोड़ देने तक—नाना पाटेकर का जीवन सादगी, समर्पण और खेल भावना का अद्भुत संगम था। सिनेमा जगत और खेल प्रेमी इस महान फनकार को हमेशा अपनी यादों में संजोकर रखेंगे।
यह भी पढ़ें: भारत-पाक क्रिकेट पर नाना पाटेकर का 1 साल पुराना बयान फिर वायरल
ताज़ा हिंदी समाचार
नाना पाटेकर ने क्यों छोड़ा था क्रिकेट? सुनील गावस्कर के साथ किया था मैदान शेयर
नाना पाटेकर का 75 की उम्र में निधन, शिखर धवन-अजिंक्य रहाणे ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
भारत-पाक क्रिकेट पर नाना पाटेकर का 1 साल पुराना बयान फिर वायरल
SA20 ऑक्शन: 18 साल के जेसन राउल्स बने सबसे महंगे खिलाड़ी
अजीत अगरकर की नेटवर्थ कितनी है? BCCI से कितनी कमाई की
रवींद्र जडेजा बनेंगे चीफ सेलेक्टर? BCCI के कमेंट से मचा बड़ा buzz
मोहम्मद शमी की टीम में वापसी, इस दिन खेला जाएगा मैच
संजीव गोयनका का बिग रेवेन्यू प्लान: नीलामी से पहले बड़ी IPL डील हुई
भारतीय पहलवानों का US वीजा खारिज, U23 विश्व चैम्पियनशिप में भाग लेना संदेह में
Bhuvneshwar Kumar Return: 3 कारण जिनकी बदौलत भुवनेश्वर कुमार की हुई टीम इंडिया में वापसी

