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व्यवसायी राज कुंद्रा (Raj Kundra) को बड़ा कानूनी झटका लगा है। इंग्लैंड और वेल्स हाई कोर्ट (England and Wales High Court) ने आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) में उनकी पूर्व हिस्सेदारी (स्टेक) से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद में उनके खिलाफ फैसला सुनाया है।
अदालत ने राज कुंद्रा और उनकी कंपनी कुकी इन्वेस्टमेंट्स (Kuki Investments) को इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स (EMV) को ब्याज के साथ $4.94 मिलियन (लगभग ₹41+ करोड़) का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने कुंद्रा को राजस्थान रॉयल्स शेयर विवाद के संबंध में भारत में कोई भी आगे की कानूनी कार्रवाई करने से स्थायी रूप से रोक दिया है।
यह पूरी कानूनी लड़ाई राजस्थान रॉयल्स में राज कुंद्रा की 11.7% हिस्सेदारी से जुड़ी हुई है। कुंद्रा का दावा था कि उन्हें फ्रेंचाइजी के वास्तविक मूल्य से बहुत कम कीमत पर अपने शेयर बेचने के लिए मजबूर किया गया था।
हालांकि, ईएमवी (EMV) का तर्क था कि 2019 के एक निपटान समझौते (Settlement Agreement) के तहत इस मामले को पहले ही सुलझा लिया गया था। समझौते के अनुसार, कुंद्रा ने सेटलमेंट की राशि स्वीकार की थी और राजस्थान रॉयल्स के शेयरों से जुड़े सभी अधिकार छोड़ दिए थे।
उस समझौते में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया था कि भविष्य का कोई भी विवाद केवल इंग्लैंड की अदालतों द्वारा ही निपटाया जाएगा।
राजस्थान रॉयल्स की नियंत्रक हिस्सेदारी (कंट्रोलिंग स्टेक) को बेचने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद, राज कुंद्रा ने भारतीय अदालतों का रुख किया और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) और बॉम्बे हाई कोर्ट के समक्ष याचिकाएं दायर कीं।
कुंद्रा ने ईएमवी और उसके सह-संस्थापक मनोज बडाले (Manoj Badale) पर शेयर हस्तांतरण प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, ईएमवी ने दावा किया कि भारत में कुंद्रा की कानूनी कार्रवाई 2019 के निपटान समझौते की शर्तों का सीधा उल्लंघन थी।
फैसले की घोषणा करते हुए, जस्टिस ग्रिफिथ्स ने कहा कि राज कुंद्रा के पास ईएमवी के दावों को चुनौती देने का कोई मजबूत कानूनी आधार नहीं था।
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हाई कोर्ट ने पहले दिए गए एंटी-सूट इंजंक्शन (Anti-Suit Injunction) को स्थायी बना दिया है, जिससे राज कुंद्रा और कुकी इन्वेस्टमेंट्स को राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व विवाद से संबंधित भारतीय अदालतों में कोई भी नया केस दर्ज करने से रोक दिया गया है।
अदालत ने राज कुंद्रा और कुकी इन्वेस्टमेंट्स को संयुक्त रूप से ब्याज के साथ $4.94 मिलियन की सेटलमेंट राशि चुकाने का निर्देश दिया है।
अदालत ने यह व्यवस्था दी कि सेटलमेंट की शर्तों के बार-बार उल्लंघन के बाद ईएमवी के पास समझौते को रद्द करने का पूरा कानूनी अधिकार था।
यह फैसला तब आया है जब ईएमवी और उसके शेयरधारकों ने राजस्थान रॉयल्स में अपनी नियंत्रक हिस्सेदारी को लक्ष्मी मित्तल परिवार और अदार पूनावाला से जुड़े एक समूह को बेचने का काम पूरा किया।
कथित तौर पर लगभग $1.65 बिलियन (लगभग ₹13,800 करोड़) मूल्य की यह डील आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी ऑनरशिप डील्स में से एक मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2015 के आईपीएल सट्टेबाजी विवाद के चलते राज कुंद्रा राजस्थान रॉयल्स से अलग हो गए थे। उनकी हिस्सेदारी बाद में ट्रांसफर कर दी गई थी, लेकिन वह लेनदेन आखिरकार इस कानूनी विवाद का केंद्र बन गया।
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