NEET परीक्षा का पेपर लीक होने को लेकर देश भर में भारी हंगामा मचा हुआ है। पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन चल रहा है, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
हाल ही में इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिससे इस मुद्दे पर पूरे देश का ध्यान गया। महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अब इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है; अपने पिता से सीखी गई एक बात का ज़िक्र करते हुए उन्होंने छात्रों के प्रति समाज की ज़िम्मेदारी पर ज़ोर दिया है।
NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन हाल ही में हिंसक हो गए; दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाज़ी और मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं।
इस मुद्दे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और अब मशहूर हस्तियां इस पर अपनी राय रख रही हैं। 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर, जिन्हें अक्सर ऐसे मामलों पर चुप रहने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ता है, ने भी पहली बार अपनी बात रखी है।
गुरुवार, 23 जुलाई को सचिन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बयान पोस्ट किया, जिसकी शुरुआत उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता रमेश तेंदुलकर से सीखी एक सीख से की। सचिन ने लिखा, "मेरे पिता एक प्रोफेसर थे। वे कई युवा छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक और गुरु थे।"
उन्होंने मुझे बचपन में ही एक सीख दी थी: 'असफलता ठीक है, लेकिन धोखाधड़ी नहीं। कभी भी शॉर्टकट न अपनाएं।' समाज में वयस्क होने के नाते, संस्कृति को आकार देने की ज़िम्मेदारी हमारी है। जो समाज मेहनत के बजाय नतीजों को प्राथमिकता देता है, वह योग्यता के बजाय शॉर्टकट को अपनाएगा।"
छात्रों की निराशा के प्रति सहानुभूति जताते हुए, सचिन ने समाज को उनके प्रति अपनी ज़िम्मेदारी याद दिलाई। उन्होंने लिखा, "यह समझना आसान है कि आज छात्र ऐसा क्यों महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का फल उन्हें नहीं मिल रहा है। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें दोबारा ऐसा महसूस न हो।
युवा भारत सपनों और ऊर्जा से भरा हुआ है। वे हमारी सफलता का आधार हैं। एक समाज के तौर पर, हम सभी माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, रिश्तेदार, स्कूल और एडमिनिस्ट्रेटर की एक बड़ी ज़िम्मेदारी है और हम सभी की अलग-अलग भूमिकाएँ हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे युवा हमेशा उत्साहित और ऊर्जावान बने रहें
इस बीच, टीम इंडिया के वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है और छात्रों की बात सुने जाने का समर्थन किया है। गिल ने इंस्टाग्राम पर एक बयान पोस्ट करते हुए लिखा, एक युवा भारतीय के तौर पर, मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को सीखने, सपने देखने और अपनी पसंद का भविष्य बनाने के हर मौके का अधिकार है।
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