भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चयनकर्ता अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को लेकर एक बड़ा 'यू-टर्न' लेने की तैयारी में हैं। लंबे समय से फिटनेस और बढ़ती उम्र (35 वर्ष) के कारण हाशिए पर चल रहे शमी अब एक बार फिर चयनकर्ताओं के रडार पर आ गए हैं। टीम इंडिया की नजरें अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर हैं, जहाँ शमी का अनुभव टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई के सूत्रों ने संकेत दिया है कि शमी अब चयन की रेस से बाहर नहीं हैं। चयनकर्ताओं का मानना है कि शमी जैसे गेंदबाज के पास विकेट लेने की नैसर्गिक क्षमता है, बस उनकी फिटनेस ही एकमात्र चिंता का विषय थी। अब खबर आ रही है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में शमी की वापसी हो सकती है, जो फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा।
शमी की वापसी की सबसे बड़ी वजह उनका घरेलू क्रिकेट में 'मैजिकल' प्रदर्शन है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
कुल मिलाकर, हाल के दिनों में लिए गए इन 37 विकेटों ने चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या शमी के बिना 2027 का रोडमैप तैयार करना सही होगा?
2023 वर्ल्ड कप के बाद शमी को टखने और घुटने की गंभीर चोटों से जूझना पड़ा। सर्जरी और नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में लंबे रिहैब के कारण वे टीम से बाहर रहे। इस दौरान शमी ने चयनकर्ताओं पर तंज भी कसा था, जिस पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने साफ किया था कि प्राथमिकता खिलाड़ी की 100% फिटनेस है। अब बंगाल के लिए लगातार मैच खेलकर शमी ने अपनी फिटनेस का प्रमाण दे दिया है।
भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयन समिति अब भविष्य की ओर देख रही है। 2027 वर्ल्ड कप के लिए एक ऐसे भरोसेमंद विकेट-टेकर की जरूरत है जो दबाव के पलों में विकेट निकाल सके। हालांकि, शमी के लिए रास्ता अब भी चुनौतीपूर्ण है—युवा तेज गेंदबाजों से मुकाबला और लंबे समय तक फिट रहना बड़ी चुनौतियां हैं। लेकिन जो दरवाजा कभी बंद नजर आ रहा था, वह अब पूरी तरह खुलने को तैयार है।